ढूंढ़ते रह जाओगे
दिवाली में घर को रंगाना पूताना कचरे हटा कर फिर उसको सजाना सड़क पे बोतल मे राकेट का उड़ाना मोहल्ले में बड़ो का आशीर्वाद पाना होली में पानी के गुब्बारे बनाना पडोसी की टंकी में रंगो को मिलाना नहा कर दोबारा फिर रंगीन हो जाना और हफ्ते भर घस उन रंगो को छुड़ाना छुट्टिओं में रिश्तेदारों से मिलने जाना बड़े बुजुर्गो का फिर वो कहानी सुनाना फर्श पर फिर सबके बिछावन लगाना और सोने की जगह बस गप्पे लड़ाना मूंगफली के छिलकों का पहाड़ बनाना आम को पेड़ो से चुरा कर के खाना भरी धूप में उन पापड़ों को सुखाना खट्टी कैरी का मीठा आचार बनाना रविवार को रामायण का एपिसोड आना और सड़को का तब सुनसान हो जाना अमीन साहनी के बिनाका गीत माला और लता का "मिले सुर मेरा तुम्हारा " फ़ौरन रिटर्न' भाईओं से ईर्ष्या लगाना पर उनसे ही फिर कई तोहफ़े मंगाना अमरीका जाने के सुहाने सपने सजाना भविष्य की उम्मीद पे छुप के'...